Explore these ideas and more!

मोहिनी एकादशी  29 अप्रैल 2015

मोहिनी एकादशी 29 अप्रैल 2015

मोहिनी एकादशी  29 अप्रैल 2015

मोहिनी एकादशी 29 अप्रैल 2015

मोहिनी एकादशी  29 अप्रैल 2015

मोहिनी एकादशी 29 अप्रैल 2015

वरुथिनी एकादशी

वरुथिनी एकादशी

योगिनी एकादशी  12 जून 2015 शुक्रवार

योगिनी एकादशी 12 जून 2015 शुक्रवार

अजा एकादशी युधिष्ठिर ने पूछा : जनार्दन ! अब मैं यह सुनना... https://plus.google.com/u/0/110645010024219797486/posts/cmGmQ8wWpeS?pid=6191946915348429874&oid=110645010024219797486

अजा एकादशी युधिष्ठिर ने पूछा : जनार्दन ! अब मैं यह सुनना... https://plus.google.com/u/0/110645010024219797486/posts/cmGmQ8wWpeS?pid=6191946915348429874&oid=110645010024219797486

#HappyParentsWorshipDay

#HappyParentsWorshipDay

सत्संग से सुखमय परिवार एक पिता-पुत्र व्यापार धंधा करते थे। पुत्र को पिता के... https://plus.google.com/u/0/110645010024219797486/posts/Qxv6EsqgppH?pid=6191574525201244962&oid=110645010024219797486

सत्संग से सुखमय परिवार एक पिता-पुत्र व्यापार धंधा करते थे। पुत्र को पिता के... https://plus.google.com/u/0/110645010024219797486/posts/Qxv6EsqgppH?pid=6191574525201244962&oid=110645010024219797486

वैशाख मास की महापुण्यप्रद अंतिम तीन तिथियाँ  (१ से ४ मई २०१५)

वैशाख मास की महापुण्यप्रद अंतिम तीन तिथियाँ (१ से ४ मई २०१५)

गीता में वेदों के तीनों काण्ड स्पष्ट किये गये हैं अतः वह मूर्तिमान् वेदरूप है और उदारता में तो वह वेद से भी अधिक है । अगर कोई दूसरों को गीताग्रंथ देता है तो जानो कि उसने लोगों के लिए मोक्षसुख का सदाव्रत खोला है । गीतारूपी माता से मनुष्यरूपी बच्चे वियुक्त होकर भटक रहे हैं । अतः उनका मिलन कराना यह तो सर्व सज्जनों का मुख्य धर्म है । - संत ज्ञानेश्वर

गीता में वेदों के तीनों काण्ड स्पष्ट किये गये हैं अतः वह मूर्तिमान् वेदरूप है और उदारता में तो वह वेद से भी अधिक है । अगर कोई दूसरों को गीताग्रंथ देता है तो जानो कि उसने लोगों के लिए मोक्षसुख का सदाव्रत खोला है । गीतारूपी माता से मनुष्यरूपी बच्चे वियुक्त होकर भटक रहे हैं । अतः उनका मिलन कराना यह तो सर्व सज्जनों का मुख्य धर्म है । - संत ज्ञानेश्वर

Pinterest
Search